देहरादून:-मकर संक्रांति पर्व पर राजपुर रोड,यूनिवर्सल पेट्रोल पंप पर धूमधाम से खिचड़ी का प्रसाद श्री ब्रजेश विरमानी द्वारा वितरित किया गया|

इन कारणों से मकर संक्रांति का पर्व बनाया जाता है।
पंडितो ने कहा कि सूर्य भगवान एक मात्र ऐसे देवता है जिनके रोजाना सभी लोगों को प्रत्यक्ष दर्शन होते हैं. सूर्य भगवान 12 महीने 12 अलग-अलग राशियों में प्रवेश करते हैं. यानी एक राशि में 30 दिन सूर्य भगवान रहते हैं और इन्हीं 12 राशियों में 6 राशियां दक्षिणायन कहलाती है और बाकी की 6 राशियां उत्तरायण, जिस दिन भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते है|
पूरे भारत देश में मकर सक्रांति का त्योहार बहुत ही धूमधाम और हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है. इस दिन भगवान सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं, इसलिए इस दिन लोग मकर संक्रांति का त्यौहार मनाते हैं. सूर्य का मकर राशि में प्रवेश मकर संक्रान्ति के रुप में जाना जाता है, उत्तर भारत में यह पर्व ‘मकर सक्रान्ति के नाम से और गुजरात में ‘उत्तरायण’ नाम से जाना जाता है। उतराखंड में उतरायणी, गुजरात में उत्तरायण, केरल में पोंगल, गढवाल में खिचडी संक्रान्ति के नाम से मनाया जाता है|
मकर संक्रान्ति के शुभ समय पर हरिद्वार, काशी आदि तीर्थों पर स्नानादि का विशेष महत्व माना गया है, इस दिन सूर्य देव की पूजा-उपासना भी की जाती है. शास्त्रीय सिद्धांतानुसार सूर्य पूजा करते समय श्वेतार्क तथा रक्त रंग के पुष्पों का विशेष महत्व है. इस दिन सूर्य की पूजा करने के साथ साथ सूर्य को अर्घ्य देना चाहिए।

More Stories
करोडो की भूमि को हडपने के षडयंत्र में शामिल अभियुक्त को दून पुलिस ने सहारनपुर से किया गिरफ्तार
दहेज हत्या में आरोपी पति व ननद पहुँचे सलाखों के पीछे, मृतका द्वारा शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा उसे लगातार प्रताडित किये जाने का लगाया गया था आरोप
मुख्यमंत्री धामी से स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल एवं विधायक किशोर उपाध्याय ने की भेंट, टिहरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को लेकर हुई विस्तृत चर्चा, स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध